मिंजर

  • Minjar procession

    मिंजर शोभायात्रा

  • मिंजर शोभायात्रा

    मिंजर-शोभायात्रा

  • Kunjri Malhar in minjar

    मिंजर में कुंजरी मल्हार

  • Musada Gayan in minjar

    मिंजर मेला में मुसदा गायन

  • Folk dance in minjar mela

    मिंजर मेला में फोल्क नृत्य

  • चम्बा चौगान में फोल्क नृत्य

    चम्बा चौगान में फोल्क नृत्य

मिंजर मेला के बारे में

मिंजर चम्बा का सबसे लोकप्रिय मेला है, जिसमें पूरे देश से बहुत से लोग शामिल होते हैं। यह मेला श्रावण महीने के दूसरे रविवार को आयोजित किया जाता है। मेला की घोषणा मिंजर के वितरण से की जाती है जो पुरुषों और महिलाओं के पहने पोशाको के कुछ हिस्सों पर रेशम की लटकन रूप में समान रूप पहनी जाती है। यह लटकन धान और मक्का की कटाई का प्रतीक है जो वर्ष के इस समय के आसपास उनकी उपस्थिति बनाते हैं। जब ऐतिहासिक चोगान मैदान में मिंजर का झंडा फहराया जाता है तब हफ्ते भर का मेला शुरू होता है । प्रत्येक व्यक्ति द्वारा सबसे अच्छा पोशाक धारण करने से चंबा शहर रंगीन दिखता है। खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। तीसरे रविवार को उल्लास, रंगीनता और उत्साह अपने अभिविन्यास तक पहुंचते हैं, जब नृत्य करने वाले मंडलियों के साथ रंगीन मिंजर जुलूस, परंपरागत रूप से स्थानीय पोशाक, पुलिस और होम गार्ड बैंड के साथ पारंपरिक ड्रम बॉटर, अपनी मार्च के लिए अखण्ड चंडी पैलेस से पुलिस लाइन के पास नलहोरा स्थल के लिए शुरू होता है|एक विशाल लोगो की भीड़ वहां पहले से इकट्ठा होती है । पहले राजा और अब मुख्य अतिथि एक नारियल, एक रुपया, एक मौसमी फल और एक मिंजर जो लाल रंग के कपड़े में बंधे होते हैं -लोहान – नदी में चढाते हैं | इसके बाद सभी लोग नदी में अपने मिंजरों को चढाते हैं। पारंपरिक कुंजरी-मल्हार को स्थानीय कलाकारों द्वारा गाया जाता है। सम्मानित और उत्सव की भावना के रूप में आमंत्रित लोगों के बीच हर किसी को बेटल के पत्ते और इत्र दी जाती है।
मिंजर मेला हिमाचल प्रदेश के राज्य मेलों में से एक मेले के रूप में घोषित किया गया है। जिसे टीवी और प्रिंट मीडिया पर विस्तृत कवरेज दिया जाता हैं।